_हिमालय_से_निकलने_वाले_तथा #_प्रायद्वीपीय_पठार_से_निकलने_वाले_नदियों_में_अन्तर

#_हिमालय_से_निकलने_वाले_तथा #_प्रायद्वीपीय_पठार_से_निकलने_वाले_नदियों_में_अन्तर

#_हिमालय_से_निकलने_वाले_नदियों

1. ये नदियां बर्फ और वर्षा जल से सम्रध्द रहती है | इसी कारण इन्हे #_सदानीरा कहा जाता है |

2. ये सभी नदियों मैदानी भूमि पर बहती है अंत नौ संचालन और सिचाई में इनका भरपूर उपयोग होता है |

3. ये नदियों तरुण और तीव्र प्रवाह वाली होते है |

4. इन नदियों कि बहुत सी विभाजिकएं और सहायक नदियों है |

5..भारत में मुख्यतः हिमालय से निकलने वाली नदियाँ(#_सिंधु_गंगा__ब्रह्मपुत्र),

#_प्रायद्वीपीय_पठार_से_निकलने_वाले_नदियों

1. वर्षो जल से ही इन नदियों को पानी मिलता ग्रीष्म और शीत ऋतू में ये सुख जाती है |

2. ये नदियों पठारी भूमि पर बहती है जहाँ नौ संच संभव नहीं हो पता है |

3. ये नदियों बहुत पुराणी और है |

4. इन नदियों कि विभाजिकाएं नगण्य संख्या में है |

5..प्रायद्वीपीय नदी(#_नर्मदा_कावेरी_महानदी) प्रणाली है।

#_नदी_दो_प्रकार_की_होती_है.

सदानीरा या बरसाती।
सदानीरा नदियों का स्रोत झील, झरना अथवा हिमनद होता है और वर्ष भर जलपूर्ण रहती हैं,
जबकि बरसाती नदियाँ बरसात के पानी पर निर्भर करती हैं।
गंगा, यमुनाए कावेरी, ब्रह्मपुत्र आदि सदानीरा नदियाँ हैं।

Comments

Popular posts from this blog

_चुम्बी_घाटी