_अन्नामलाई_की_पहाड़ियाँ

#_अन्नामलाई_की_पहाड़ियाँ

#_पश्चिमी_घाट_की पर्वत श्रेणियाँ हैं और तमिलनाडु राज्य, दक्षिण-पूर्व भारत में एलीफेंट
पर्वतमाला के नाम से विख्यात हैं।

#_भौगोलिक_स्थिति

ये पहाड़ियाँ दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट के अंतर्गत #_तमिलनाडु_और_केरल में स्थित है।
अन्नामलाई पहाड़ी श्रृंखलाओं में सबसे ऊंची पहाड़ी अनामुदी की है, जिसकी ऊंचाई (2,695) मीटर  है।

यह केरल के इड्डुकि ज़िले में स्थित है। यह दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी है।
जो उत्तर में #_पालघाट_पश्चिमी_घाट को दो हिस्सों में बांटता है।

अन्नामलाई की पहाड़ियों के निचले हिस्से में #_कॉफी_और_चाय की खेती की जाती है, इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देता है।

#_पश्चिमी_घाट_को_यूनेस्को_ने_विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया है।

ये पहाड़ियाँ #_पूर्वी_व_पश्चिमी_घाटों_का_संधिस्थल है और पश्चिमोत्तर व दक्षिण-पूर्व की ओर उन्मुख है।

2695 मीटर ऊंची अनाई चोटी इस शृंखला के विलकुल दक्षिण-पश्चिम छोर पर स्थित है।

  ******शीशम , चन्दन , सागौन , साबूदाने इत्यादि के पेंड़ो से युक्त सघन वन इस क्षेत्र के ज़्यादातर हिस्सों को ढकते हैं।

******* एल्यूमिनियम व लौह धातु के ऑक्साइड से युक्त यहाँ की मिट्टी चित्तीदार लाल व भूरी है। इसका उपयोग भवन बनाने व सड़क निर्माण में होता है।

  इन पहाड़ियों पर #_कडार_मारवाड़ वो पूलिया लोग निवास कराते हैं और उनकी अर्थव्यवस्था शिकार, संग्रहण व झूम खेती पर आधारित है।

#_जिन_जगहों पर जंगलों की कटाई हो रही है, वहाँ
#_चाय_कॉफी_व_रबड़ के बाग लगाए जा रहे हैं।

#_जीव_जंतु

अनाईमलाई की पहाड़ियाँ प्रचुर मात्रा में वन्य जीवन के लिए जाना जाता है। #_एराविकुलम_राष्ट्रीय_उद्यान ,

चिन्नार वन्यजीव अभयारण्य ,

परम्बिकुलम वन्यजीव अभयारण्य

और इंदिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य इन पहाड़ियों में अच्छी तरह से हाथियों के लिए जाना जाता है।

#_कई_वन्यजीव_प्रजातियों हाथी , गौर , पानी भैंस , बाघ, तेंदुआ, आलस भालू, मगरमच्छ , ग्रीन कबूतर ,
सीविट बिल्लियों , ढोल , सांभर और लुप्तप्राय शेर पूंछ मकाक के 31 समूहों सहित यहाँ देखा जा सकता है। साथ ही पक्षियों में विचित्र हार्नबिल , लाल गलमुच्छे वाला बुलबुल और ड्रोंगो शामिल हैं।

Comments

Popular posts from this blog

_चुम्बी_घाटी