प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि योजना

प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि योजना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 07 जून 2018 को वीडियो ब्रिज के माध्यम से देश में चल रही विभिन्न स्वास्थ्य सेवा योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संवाद किया। प्रधानमंत्री ने पांचवी बार वीडियो ब्रिज के माध्यम से सरकारी योजनाओं के विभिन्न लाभार्थियों के साथ संवाद स्थापित किया।

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा और स्वास्थ्य के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सभी तरह की सफलता और समृद्धि का आधार है।

मोदी ने लाभार्थियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि बिमारी न केवल परिवारों, विशेषकर गरीब और मध्यवर्ग के परिवारों, पर भारी आर्थिक बोझ डालती है बल्कि हमारे सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रो को भी प्रभावित करती है।

इसलिए सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को रियायती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना इसी इरादे से लांच की गई थी ताकि गरीब, निम्न मध्य वर्ग और मध्य वर्ग की रियायती औषधियों तक पहुंच हो और उनका वित्तीय बोझ कम हो।

सरकार ने पूरे देश में 3600 से अधिक जन औषधि केंद्रों को स्थापित किया है जहां रियायती मूल्य पर 700 से अधिक जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध हैं। जन औषधि केंद्रों में दवाइयों की कीमत बाजार मूल्य की तुलना में 50-90 प्रतिशत कम हैं। निकट भविष्य में जन औषधि केंद्रों की संख्या 5000 से ऊपर हो जाएगी।

प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि योजना:

प्रधानमंत्री ‪नरेंद्र मोदी द्वारा ‪प्रधानमंत्री जन औषधि योजना की घोषणा 1 जुलाई 2015 को की गई। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणमवत्ता वाली जैनरिक दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है। यह अभियान फार्मास्यूटिकल डिपार्टमेंट ने सेंट्रल फार्मा सेक्टर अंडरटेकिंग के साथ मिलकर शुरू किया है।

सरकार द्वारा जन औषधि स्टोर बनाए गए है, जहां जेनरिक दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है। जेनरिक दवाईयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाईयों के मुकाबले सस्ती होती है, जबकि प्रभावशाली बराबर ही होती है।

प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया है ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं | साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।

भारत के फार्मा पीएसयू ब्यूरो की भूमिका:

ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयू ऑफ इंडिया (BPPI) प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के लिए कार्यान्वयन एजेंसी है। इसका कार्य कुछ इस प्रकार हैं:

सस्ती कीमत पर सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करवानाप्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों द्वारा जेनेरिक दवाइयों की मार्केटिंग करवाना।सेंट्रल फार्मा पीएसयू और निजी क्षेत्रों की कंपनियों से दवाइयों की खरीददारी करनाऔषधि केन्द्रों के काम की उचित निगरानी करना।

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