स्वच्छता सर्वेक्षण 2018:
स्वच्छता सर्वेक्षण 2018
केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी ने 16 मई 2018 को राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के परिणामों की घोषणा करते हुए विजेताओं को बधाई दी। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तत्वाधान में केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 का आयोजन किया था।
इसमें 4203 शहरी स्थानीय निकायों का मूल्यांकन किया गया। 2700 मूल्यांकन कर्मियों ने पूरे देश के 40 करोड़ लोगों से संबंधित स्थानीय निकायों का सर्वेक्षण किया। यह कार्यक्रम 4 जनवरी 2018 से 10 मार्च 2018 तक जारी रहा। वर्ष 2017 में 434 नगरों में स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया था।
प्रमुख तथ्य:
इंदौर को एक बार फिर देश का पहला सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब प्राप्त हुआ है। जबकि मध्य प्रदेश के ही भोपाल को दूसरा स्थान और चंडीगढ़ तीसरा स्थान मिला।
इसमें राष्ट्रीय स्तर के कुल 23 और जोनल स्तर के 20 अवार्ड घोषित किये गये। जारी अवार्ड सूची में 10 लाख से अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद सबसे तेजी से स्वच्छ होने वाले शहरों में पहला स्थान प्राप्त किया है।
पिछले साल की सूची में गाजियाबाद 359 स्थान पर था, जो अब चार हजार से अधिक शहरों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए 36वें स्थान पर पहंुंच गया है। उत्तर प्रदेश के ही दूसरे शहर अलीगढ़ ने साफ सफाई करने के बिल्कुल नये तौर तरीके अपनाने वाली श्रेणी में पहला स्थान पाया है।
जोनल अवार्ड में उत्तर प्रदेश के एक लाख की आबादी वाले शहरों में समथर शहर को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का पहला अवार्ड दिया गया है। राजधानी मेंनई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) को छोटे शहरों के वर्ग में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला है। दिल्ली कैंटोमेंट क्षेत्र को सबसे स्वच्छ पाया गया है, जिसके अवार्ड के लिए उसे चुना गया है।
जबकि झारखंड के गिरिडीह और अंबिकापुर को एक से तीन लाख की आबादी वाले शहरों के वर्ग में सिटिजन फीडबैक और इनोवेशन व बेस्ट प्रैक्टिसेस का अवार्ड दिया गया है। झारखंड की राजधानी रांची को बेस्ट स्टेट कैपिटल वर्ग में सिटीजन फीडबैक के लिए अवार्ड दिया गया है।
जोनल स्तर के अवार्ड में भी झारखंड के शहरों ने बाजी मारी है। एक लाख की आबादी वाले यहां के बुंदू सबसे स्वच्छ चुना गया है। इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस में पाकुर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और चाईबासा को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सबसे अच्छा माना गया है।
नार्थ जोन में छोटे शहरों (एक लाख की आबादी) पंजाब के भाडसोन को सबसे स्वच्छ शहर पाया गया। जबकि पंजाब के ही मूनक को बेस्ट सिटीजन फीडबैक का पुरस्कार मिला है।
हरियाणा के घरौंडा को इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस के लिए चुना गया है। राज्यों में सबसे अधिक स्वच्छ रहने वालों में पहला स्थान झारखंड, दूसरा स्थान महाराष्ट्र और तीसरा स्थान छत्तीसगढ़ को मिला है।
कैंटोनमेंट बोर्ड वर्ग में सबसे स्वच्छ दिल्ली कैंटोनमेंट रहा तो दूसरा स्थान उत्तराखंड के अल्मोड़ा कैंट को मिला और तीसरा रानीखेत कैंट को मिला है। सिटिजन फीडबैक के मामले में अव्वल रहा नैनीताल कैंट और इनोवेशन व बेस्ट प्रैक्टिसेस में तमिलनाडु का सेंट थामस का नाम पहले स्थान पर है। जबकि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में पहला स्थान पाने वालों में हिमाचल प्रदेश का जुटोघ कैंट शिमला रहा।
एक स्वतंत्र एजेंसी ने स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य किया है। इसके लिए 3 स्रोतों से आंकड़ें जुटाये गये।
सेवा स्तर में हुई प्रगतिप्रत्यक्ष निरीक्षणनागरिकों का फीडबैक
2017 की तुलना में स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की भारिता में बदलाव हुआ है जो निम्न है: सेवा स्तर प्रगति के अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में एक और घटक जोड़ा गया है-नवोन्मेष और सर्वोत्तम कार्यप्रणाली।
इस सर्वेक्षण में नागरिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नागरिकों के फीडबैक तथा प्रत्यक्ष निरीक्षण को उच्च भारिता दी गयी है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 का फोकस था- स्वच्छ भारत मिशन के अंतगर्त शहरी स्थानीय निकायों की पहलों के परिणाम, नवोन्मेष तथा सततता।
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