विश्व_आर्थिक_मंच & वार्षिक बैठक

#विश्व_आर्थिक_मंच
23-26 जनवरी, 2018 के मध्य 48वें विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक दावोस, स्विट्जरलैंड में आयोजित हुई।

👉👉#उद्देश्य
👉इस बैठक का उद्देश्य विश्व की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक साझा विचार को विकसित करने हेतु जीवन के सभी क्षेत्रों में नेताओं में समर्पण का भाव विकसित करना है।

👉👉#महत्वपूर्ण_तथ्य
👉23 जनवरी, 2018 को इस विश्व आर्थिक मंच का प्रारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन भाषण से शुरू हुआ।
👉यह पहला अवसर है जब इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भारतीय प्रधानमंत्री का उद्घाटन भाषण हुआ।
👉इस सम्मेलन में लगभग 3000 वैश्विक प्रतिनिधि, राष्ट्र प्रमुख, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कलाकार सम्मिलित हुए।
👉इस वार्षिक बैठक में 120 देशों के प्रतिनिधियों ने विश्व में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक चुनौती पर चर्चा किए।
👉इस सम्मेलन का विषय : ‘खंडित विश्व में साझा भविष्य बनाना’ (Creating a Shared Future in a Fractured World)।
👉इस वार्षिक बैठक में 350 राजनीतिक नेता सम्मिलित हुए।
👉इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल, इटली के प्रधानमंत्री पाउलो गेटिलोअली, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थेरेसा मे तथा कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुर्डेव सम्मिलित रहे।
👉इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की अध्यक्ष क्रिस्टियन लेगार्ड, संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटरेस तथा विश्व बैंक के अध्यक्ष जिमयोंग किम भी सम्मिलित हुए।
👉WEF (विश्व आर्थिक मंच) की इस वार्षिक बैठक में दुनिया की बेहतरी हेतु कार्य करने के लिए अपनी कला का इस्तेमाल करने वाले कलाकार के रूप में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री केट ब्लेन्चेट और संगीतकार एल्टन जॉन को विश्व आर्थिक मंच का प्रतिष्ठित क्रिस्टल अवॉर्ड प्रदान किया गया।
👉इस सम्मेलन में विश्व  के सामने शांति, स्थिरता और सुरक्षा को लेकर नई और गंभीर चुनौतियों पर चर्चा हुई।

👉👉#दावोस_में_भारत_की_स्थिति
👉प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 1997 के बाद दावोस जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
वर्ष 1997 में श्री एच.डी. देवगौड़ा दावोस गए थे।
👉इस वार्षिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, सुरेश प्रभु, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, एम.जे. अकबर और जितेंद्र सिंह सम्मिलित हुए।
👉इस वार्षिक बैठक में भारतीय उद्योग जगत से रिलायंस समूह के स्वामी मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, अजीम प्रेमजी, राहुल बजाज, एन. चंद्रशेखर, चंदा कोचर, उदय कोटक और अजय सिंह समेत अन्य लोग सम्मेलन में सम्मिलित हुए।
👉इस सम्मेलन में विश्व के लगभग 60 बड़े उद्योगपति और व्यापारी भाग लिए जिसमें 20 भारतीय हैं।

👉👉#विश्व_आर्थिक_मंच
👉विश्व आर्थिक मंच एक गैर-लाभकारी वैश्विक संस्था है।
👉इसकी स्थापना वर्ष 1971 में हुई थी।
👉इस आर्थिक मंच की स्थापना प्रो. क्लॉस एम. श्वाब (Klaus M. Schwad) ने की थी।
👉इसका उद्देश्य यूरोपीय देशों के बड़े उद्योगपतियों को अमेरिकी उद्योगपतियों से कुछ सीखना था।
👉इस विश्व आर्थिक मंच का नाम वर्ष 1987 में परिवर्तित करके World Economic Forum कर दिया गया।
👉इस विश्व आर्थिक मंच का मुख्यालय जेनेवा में है।
👉ज्ञातव्य है कि टोक्यो, न्यूयॉर्क, बीजिंग में भी इसका कार्यालय है।
👉इस मंच की प्रत्येक बैठक, प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में आयोजित होती है।
👉इस विश्व आर्थिक मंच के माध्यम से वार्तालाप के माध्यम से विश्व स्तर पर समस्याओं का समाधान करना है।
👉इस विश्व आर्थिक मंच पर विश्व के प्रमुख नेता अंतरराष्ट्रीय व्यापारी वर्ग, बुद्धिजीवी तथा पत्रकार भी शामिल होते हैं।

👉👉#WEF_की_महत्ता
👉विश्व आर्थिक मंच के माध्यम से ही वर्ष 1988 में ग्रीस और तुर्की ने आपसी युद्ध टालने की घोषणा की थी।
👉इस मंच के माध्यम से ही वर्ष 1992 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति डी.क्लार्क और नेल्सन मंडेला के बीच बातचीत हुई थी।
👉इस मंच से ही वर्ष 1994 में इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच शांति समझौते पर सहमति बनी थी।
👉इस मंच के माध्यम से ही वर्ष 2002 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एड्स और टी.बी. जैसे महाबिमारियों के उन्मूलन की घोषणा की थी।

Comments

Popular posts from this blog

_चुम्बी_घाटी